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“The People” (Luke 13:29–30) Who Consider Themselves “Last” (Unworthy Ones) and Who, in the Kingdom of God, Will Cast Off the Yoke of Slavery and Enjoy the Highest Honor and Rest as True Free People and Precious Guests of God

“The People” (Luke 13:29–30) Who Consider Themselves “Last” (Unworthy Ones) and Who, in the Kingdom of God, Will Cast Off the Yoke of Slavery and Enjoy the Highest Honor and Rest as True Free People and Precious Guests of God           “People will come from east and west and north and south, and will take their places at the feast in the kingdom of God.   Indeed there are those who are last who will be first, and first who will be last” (Luke 13:29–30).       (1)     After reading today’s passage, Luke 13:29–30, I became interested in the phrase “the feast in the kingdom of God.”   So, I read Luke 13:29 in the original Greek New Testament, and I noticed that the word “feast” does not actually appear there.   Instead, the Greek word “ἀνακλιθήσονται” (anaklithēsontai) is used, which made me curious about its meaning.   (a)     This word means “to recline at the table” or “to ...

“यशायाह 41:10 का हिब्रू मूल पाठ के आधार पर अर्थ”

“यशायाह 41:10 का हिब्रू मूल पाठ के आधार पर अर्थ”




“मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ;
इधर-उधर भय से मत देख, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ।
मैं तुझे दृढ़ करूँगा, निश्चय ही तेरी सहायता करूँगा;
मैं अपनी धार्मिक दाहिनी भुजा से तुझे संभाले रखूँगा।” (यशायाह 41:10)


 

“यशायाह 41:10 के हिब्रू मूल पाठ में प्रत्येक शब्द अत्यंत शक्तिशाली और जीवंत अर्थ रखता है। आइए मुख्य अभिव्यक्तियों के हिब्रू अर्थ को विस्तार से समझें:

  1. “मत डर” (אַל־תִּירָא, अल-तीरा)

अर्थ: यह केवल भावनात्मक रूप से “डरो मत” कहने तक सीमित नहीं है। इसका अर्थ है: “भयभीत होकर इतने कमजोर मत पड़ो कि तुम कार्य करना ही बंद कर दो।”

हिब्रू पृष्ठभूमि: यारे (ירא) क्रिया का अर्थ भय, आतंक या आदर हो सकता है। क्योंकि परमेश्वर तुम्हारे साथ है, इसलिए यह एक दृढ़ आदेश है कि भय को अपने ऊपर हावी मत होने दो।


  1. “इधर-उधर भय से मत देख” (אַל־תִּשְׁתָּע, अल-तिश्ता)

अर्थ: मूल अर्थ है “घबराकर चारों ओर मत देखो” या “भय में इधर-उधर मत ताकते फिरो।”

हिब्रू पृष्ठभूमि: यह उस व्यक्ति की स्थिति को दर्शाता है जो चारों ओर के खतरों के कारण मानसिक रूप से विचलित होकर अपना केंद्र खो देता है। इसमें यह छिपा हुआ संदेश है कि अपनी दृष्टि केवल परमेश्वर पर स्थिर रखो।


  1. “मैं तुझे दृढ़ करूँगा” (אִמַּצְתִּיךָ, इम्मात्सतीखा)

अर्थ: “साहस भर देना” या “मजबूती से स्थिर कर देना।”

हिब्रू पृष्ठभूमि: अमात्स (אמץ) का अर्थ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना है। परमेश्वर यह वादा करते हैं कि वह टूटते हुए हृदय को एक मजबूत स्तंभ की तरह स्थिर कर देंगे।


  1. “मैं अपनी धार्मिक दाहिनी भुजा से तुझे संभाले रखूँगा” (תְּמַכְתִּיךָ, तेमाख्तीखा)

अर्थ: तामाख (תמך) का अर्थ केवल “पकड़ना” नहीं है, बल्कि “गिरने से बचाने के लिए सहारा देना” या “पूर्ण रूप से संभालना” है।

दाहिने हाथ का प्रतीक: हिब्रू विचारधारा में “दाहिना हाथ” सामर्थ्य, विजय और सुरक्षा का प्रतीक है। अर्थात परमेश्वर अपनी धार्मिक शक्ति से तुम्हें अंत तक थामे रखने और सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।


सारांश

हिब्रू दृष्टिकोण से यह पद एक अत्यंत जीवंत और गहरे सांत्वना के संदेश के रूप में सामने आता है:
“जो व्यक्ति चिंता में काँप रहा है और भय से इधर-उधर देख रहा है, उसके पास परमेश्वर स्वयं आते हैं, उसके हृदय को दृढ़ता से स्थिर करते हैं, और अपनी सामर्थी भुजा से उसे नीचे से उठाकर संभालते हैं।””

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